Thursday, 20 September 2018

हिफाजत

ट्रक स्टार्ट करते हुए आज वो कुछ ज्यादा ही खुश था | आज बहुत फायदे का सौदा किया था उसने | सस्ते दामों में चार गए खरीद ली उसने|
गुजश्ता कई पीढ़ियों से उसके घर वाले यही काम करते आ रहे थे , मवेशियों की खरीद फरोख्त, लिहाजा उसने भी यही काम शुरू कर दिया | आज होने वाले मुनाफे की रकम से उसने ख्वाब बुनने शुरू कर दिए |
तभी लोगों के हुजूम ने उसके ट्रक को रुकवा लिया | इससे पहले की वो अपनी ख्वाबगाह से बहार आ पाता, चारो और से उस पर लात घूसों की बारिश होने लगी |
बेहोश होने से पहले जो आखिरी लफ्ज़ उसे सुनाई दिए वो थे " गौ माता की जय" |
जब उसकी आँखें खुली, तो धुंधली सी रौशनी मैं उसे पुलिस के कुछ जवान नजर आये.उसे कुछ सुकून मिला , की अब वो हिफाजत से अपने घर पहुँच जायेगा |
अचानक उसके सिर से कोई चीज तेजी से टकराई और उसकी आँखें फिर से बंद होने लगी और फिर
 कभी नहीं खुली.

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